भगवानपुर : लाम ग्रंट की प्रधान परमजीत कौर पर लटकी कार्रवाई की तलवार, फर्जी शैक्षिक योग्यता का प्रमाण-पत्र का आरोप

by janchetnajagran
 
भगवानपुर। जनपद हरिद्वार के भगवानपुर ब्लॉक में जिला पंचायत राज अधिकारी, हरिद्वार द्वारा विगत 11 जनवरी 2023 द्वारा पवन कुमार पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी ग्राम लामग्रंट विकास खण्ड भगवानपुर का शिकायती पत्र 6 सितबर 2022, जिसमें उनके द्वारा त्रिस्तीरय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2022 में नव-निर्वाचित ग्राम प्रधान लामग्रंट परमजीत कौर निवासी ग्राम लामग्रंट ब्लाॅक भगवानपुर के विरूद्ध नामांकन के समय फर्जी शैक्षिक योग्यता का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का आरोप लगाते हुए जांच कराये जाने का अनुरोध किया गया था तथा उक्त शिकायती पत्र की सहायक विकास अधिकारी (पं0) भगवानपुर की आख्या भी संलग्न करते हुए अगवत कराया गया कि है उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा 8(1) में प्राविधान है कि किसी ग्राम पंचायत का प्रधान, उप-प्रधान नियुक्त होने के लिए कोई व्यक्ति अनर्ह होगा, यदि वह किसी मान्यता प्राप्त संस्था/बोर्ड से हाईस्कूल अथवा समकक्ष (परीक्षा उत्तीर्ण नही हो, परंतु सामान्य वर्ग महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशी के मामले में न्यूनतम मिडिल/आठवीं परीक्षा उत्तीर्ण न हो।
उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम 2016 की धरा 8-(5) में प्राविधानित है कि यदि यह प्रश्न उठे कि कोई व्यक्ति इस अधिनियम व किसी धारा में उल्लेखित किसी भी अर्नहता का भागी हो गया हैं या नहीं?, तो उस प्रश्न को निणयार्थ विहित अधिकारी को निर्दिष्ट किया जायेगा और उसका निर्णय किसी अपील के परिणाम के अधिन रहते हुए जो विहित किया जाये, अन्तिम होगा। उत्तराखण्ड शासन की विज्ञप्ति/संशोधन संख्या 1492 दिनांक 17 दिसंबर 2020 के अन्तर्गत धारा-8(5) के लिए विहित प्राधिकारी उप-जिलाधिकारी हैं। उपरोक्त प्राविधानित व्यवस्थानुसार ग्राम पंचायत लामग्रंट वि0ख0 भगवानपुर के आपकी प्रधान पद की अर्नहता के संबंध में निर्णय लेते हुए एक प्रकरण अधोहस्ताक्षरी को संदर्भित किया गया हैं। प्रकरण के साथ सलंग्न सहायक विकास अधिकारी (पं.) की आख्या दिनांक 16 नवंबर 2022 में उल्लेख किया गया हैं कि उनके द्वारा दिनांक 3 नवंबर 2022  व 4 नवंबर 2022 को परमजीत कौर के प्रधान पद के नामांकन पत्र में संलग्न शैक्षिक योग्यता प्रमाण-पत्र की जांच संबंधित विद्यालय एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहारनपुर के कार्यालय में जाकर की गई।
3 नवंबर 2022 को उनके द्वारा एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर के प्रधानाचार्य को पत्र देकर परमजीत कौर के शैक्षिक प्रमाण-पत्र की सत्यता हेतू जानकारी चाही गई, जिसके उपरांत काॅलेज के प्रधानाचार्य द्वारा लिखित रुप से अवगत कराया गया कि परमजीत कौर के शैक्षिक प्रमाण-पत्र काॅलेज से जारी नहीं किये गये। तदोपरांत इसी क्रम में उनके द्वारा दिनांक 4 नवंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक सहारनपुर कार्यालय में परमजीत कौर के शैक्षिक प्रमाण-पत्र की सत्यता हेतू जानकारी चाही गयी। तदोपरांत उनके कार्यालय से भी लिखित रुप में अवगत कराया गया कि परमजीत कौर के द्वारा एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर में प्रवेश व अध्ययन नहीं किया गया। उपरोक्तानुसार सहायक विकास अधिकारी (पं.) ब्लाॅक भगवानपुर की जांच आख्यानुसार परमजीत कौर द्वारा ग्राम पंचायत लामग्रंट वि0ख0 भगवानपुर के प्रधान पद के नामांकन पत्र के शैक्षिक योग्यता के काॅलम में स्वयं को कक्षा-9 उत्तीर्ण होना अंकित किया गया हैं और इसके साक्ष्य के रुप में एच0ए0वी0 इंटर काॅलेज सहारनपुर से निर्गत जो टीसी संलग्न की गयी हैं, वह टीसी एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर से निर्गत होना नहीं पायी गयी हैं। इससे स्पष्ट होता है कि परमजीत कौर द्वारा अपने नामांकन पत्र में अपनी जो शैक्षिक योग्यता कक्षा-9 उत्तीर्ण अंकित की गई हैं, वह असत्य पाई गई हैं।
परमजीत कौर, नव-निर्वाचित प्रधान ग्राम पंचायत लामग्रंट ब्लाॅक भगवानपुर को न्यायिक दृष्टिकोण से किसी अन्तिम निर्णय के पारित करने से पूर्व प्रभावित पक्ष/ परमजीत कोर को इस कार्यालय के पत्र संख्याः 1522/एस0टी0 (पंचा.-चु.-प्रत्या0-अनर्हता/2023 14 फरवरी 2023 द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। परमजीत कौर द्वारा 23 फरवरी को कारण बाताओ नोटिस का लिखित उत्तर प्रस्तुत किया गया, जिसको पत्रावली का भाग बनाया गया। साथ ही बताया कि प्रार्थिया ने राजेन्द्र प्रसाद जू0हा0 स्कूल सुक्खुपुरा बेरीबाग सहारनपुर से परीक्षा उत्तीर्ण की हैं, शिकायतकर्ता ने प्रार्थिया के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी से करायी, जिसका सत्यापन खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया, जिसकी छायाप्रति भी संलग्न हैं। प्रार्थिया ने अपना नामांकन भरते समय अपना यही प्रमाण-पत्र संलग्न किया था। किसी अन्य प्रमाण-पत्र के संबंध में प्रार्थिया को कोई जानकारी नहीं हैं। क्योंकि तत्समय चुनाव पीठासीन अधिकारी ने भी कोई आपत्ति नहीं की थी और न ही शिकायतकर्ता द्वारा कोई आपत्ति की गयी।
कारण बताओ नोटिस में दी गई जानकारी और शिकायतकर्ता द्वारा दिये गये तथ्य आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। साथ ही प्रार्थिया द्वारा जो शपथ पत्र दिये गये, वह भी स्वप्रमाणित नहीं है। इस प्रकार एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर में प्रवेश व अध्ययन नहीं किया गया, जो पत्रावली पर दाखिल हैं। प्रधान द्वारा प्रधान पद के नाम-निर्देशन पत्र में शपथ पूर्वक यह अंकित करना कि उनके द्वारा एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर से कक्षा-9 की परीक्षा उत्तीर्ण की, एक प्रकार से शपथपत्र में मिथ्या अभिकथन/साक्ष्य अंकित किया गया हैं।, जो कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता हैं। ऐसी स्थिति में उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा -8(1) में प्राविधानित व्यवस्था के अन्तर्गत नाम निर्देशन पत्र में शैक्षिक योग्यता की अर्हता के साक्ष्य में वैधानिक अभिलेख प्रस्तुत न करने की दशा में अनर्ह घोषित किया जाना विधि सम्मत प्रतीत होता हैं। उपरोक्त विवेचना तथा पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर परमजीत कौर प्रधान द्वारा चुनाव में प्रधान पद के नाम निर्देशन पत्र में स्वयं को एचएवी इंटर काॅलेज सहारनपुर यूपी से कक्षा-9 उत्तीर्ण होने के साक्ष्य में योग्यता के मिथ्या प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर ग्राम पंचायत लामग्रंट ब्लाॅक भगवानपुर के प्रधान पद के लिए अनर्ह घोषित किया जाता हैं।

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