सपा में टूट के दावे पर अड़े ओपी राजभर, बोले- बलिया का नेता करेगा बागी सांसदों का नेतृत्व by June 19, 2026 June 19, 2026 26 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने कहा कि सपा के असंतुष्ट सांसदों के समूह का नेतृत्व पूर्वांचल के बलिया जिले से जुड़ा एक बड़ा नेता करेगा। गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर किए गए पोस्ट में राजभर ने कहा कि सपा में होने वाली टूट की जमीन पहले से तैयार थी, लेकिन हाल में हुई एक घटना ने इस प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 जून को सपा कार्यालय में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समुदाय का अपमान किया गया, जिससे पार्टी के कुछ नेताओं और सांसदों में नाराजगी बढ़ी है। राजभर ने कहा कि “बागी बलिया” की धरती से जुड़े सपा के एक वरिष्ठ नेता इस घटनाक्रम से बेहद आहत हैं और अब बगावत की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में टूट होना तय है। अखिलेश यादव पर साधा निशाना ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके परिवार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिक्रिया मिलते ही पूरा सपा नेतृत्व सफाई देने में जुट गया है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अब सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की राजनीति छोड़कर अपने सांसदों को एकजुट रखने पर ध्यान देना चाहिए। पहले भी कर चुके हैं बड़ा दावा गौरतलब है कि एक दिन पहले भी राजभर ने समाजवादी पार्टी में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि सपा के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और पार्टी के कुछ सांसद अलग राह पकड़ सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि वरिष्ठ सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सपा ने किया पलटवार राजभर के दावों पर समाजवादी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि सैफई परिवार और समाजवादी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहले राजभर के बयानों पर पलटवार कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भाजपा के अपने विधायक और नेता असंतुष्ट हैं तथा पाला बदलने की चर्चा उन्हीं के खेमे में अधिक है। सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल राजभर के लगातार बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, समाजवादी पार्टी में किसी बड़े स्तर पर टूट की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियों पर नजर रहेगी, जिससे इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, सपा और राजभर के बीच बयानबाजी का दौर जारी है और यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। previous post महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर नया मोड़, उद्धव गुट के दो सांसदों ने बगावत से किया इनकार next post फूलों की घाटी : हिमालय की गोद में खिला प्रकृति का अद्भुत उपवन Related Posts रामपुर तिराहा में मुख्यमंत्री धामी ने शहीद आंदोलनकारियों... October 4, 2026 जलभराव की शिकायत पर सियासी तकरार, रवि किशन... September 28, 2026 UP में युवती से गैंग रेप, दरोगा और... September 26, 2026 उत्तराखण्ड : अग्निवीर भर्ती का पूरा शेड्यूल जारी September 26, 2026 देवप्रयाग के मेधावी छात्रों से मिले यूपी के... September 25, 2026 मेरठ शास्त्री नगर इलाके में फिर चला बुलडोजर,... September 19, 2026