- सुनसान वन क्षेत्र में बाघ-भालू का खतरा, पुलिस ने तत्परता दिखाकर भारी-भरकम पेड़ काटकर खोला मार्ग
रिखणीखाल/पौड़ी। पहाड़ी क्षेत्रों में देर रात सफर के दौरान अचानक मार्ग बाधित होने से पैदा हुई मुश्किल के बीच रिखणीखाल पुलिस ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए एक शिक्षक को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने में मदद की। सड़क पर विशाल चीड़ का पेड़ गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। सुनसान वन क्षेत्र और रात का समय होने के कारण शिक्षक के सामने जंगली जानवरों का भी खतरा बना हुआ था।
जानकारी के अनुसार 19 अगस्त 2026 की रात सिमड़ी निवासी शिक्षक सत्यप्रकाश कोटद्वार से अवकाश के बाद अपने विद्यालय के लिए रवाना हुए थे। विभिन्न स्थानों पर मार्ग बाधित होने के कारण उन्हें पहले ही काफी देर हो चुकी थी। इसी दौरान रात करीब 11 बजे रिखणीखाल बाजार से आगे पहुंचने पर उनकी नजर सड़क पर गिरे एक विशाल चीड़ के पेड़ पर पड़ी। पेड़ के सड़क पर गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध था।
सुनसान वन क्षेत्र में बढ़ी परेशानी
रात का समय और सुनसान वन क्षेत्र होने के कारण शिक्षक के सामने मुश्किल और बढ़ गई। क्षेत्र में बाघ, भालू समेत अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी के चलते मौके पर खतरे की स्थिति भी बनी हुई थी। सत्यप्रकाश ने तत्काल रिखणीखाल पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही उपकरणों के साथ पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही रिखणीखाल पुलिस टीम बिना समय गंवाए आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सड़क पर गिरे भारी-भरकम चीड़ के पेड़ को काटकर हटाने का काम शुरू किया।
पुलिस टीम ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए पेड़ को सड़क से हटाया और काफी प्रयास के बाद अवरुद्ध मार्ग को यातायात के लिए सुचारु कर दिया। मार्ग खुलने के बाद शिक्षक सत्यप्रकाश सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सके।
पुलिस की तत्परता से मिली राहत
रात के समय सुनसान वन क्षेत्र में फंसे शिक्षक के लिए पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई बड़ी राहत साबित हुई। सुरक्षित निकलने के बाद शिक्षक सत्यप्रकाश ने पौड़ी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
मौके पर मौजूद रही पुलिस टीम
मार्ग खोलने की कार्रवाई में अपर उप निरीक्षक राजेश मीना, हेड कांस्टेबल 38 भगत दास, हेड कांस्टेबल 210 चन्द्रभान तथा चालक हरेन्द्र शामिल रहे। पुलिस टीम की तत्परता ने न केवल सड़क पर आवागमन बहाल किया, बल्कि देर रात संकट में फंसे शिक्षक को सुरक्षित आगे बढ़ने का रास्ता भी उपलब्ध कराया।
