कोटद्वार : कोटद्वार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे उत्पन्न हो रही समस्याओं को देखते हुए प्रशासन ने एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल शुरू कर दी है। इस सेंटर के बनने से आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही उनके टीकाकरण की भी व्यवस्था की जाएगी।
कोटद्वार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड शासन ने एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस परियोजना के शुरू होने से नगरवासियों को आवारा कुत्तों की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। कोटद्वार में एबीसी सेंटर के निर्माण की दिशा में अब प्रक्रिया तेज हो गई है। उत्तराखंड शासन द्वारा इस परियोजना के लिए एक करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस पहल से शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
बताया जा रहा है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति दिलाने और इसके लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक ऋतु खंडूड़ी भूषण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कोटद्वार क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर लगातार इस मुद्दे को उठाया। नगरवासियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया और इस परियोजना को प्राथमिकता देने की मांग की। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप शासन से इस परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी की गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पहल से शहर में आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान की दिशा में एक ठोस और प्रभावी कदम उठाया गया है।
कोटद्वार में एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर की स्थापना की दिशा में तत्कालीन नगर आयुक्त एवं पीसीएस अधिकारी वैभव गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस परियोजना की आधारशिला उस समय रखी गई थी जब पीसीएस अधिकारी वैभव गुप्ता नगर आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।
नगर आयुक्त के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसके स्थायी समाधान की पहल की थी। इसी क्रम में उनके निर्देशन में एबीसी सेंटर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई गई, ताकि आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की वैज्ञानिक व्यवस्था स्थापित की जा सके। जिसका अब सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। उनके प्रयासों से तैयार की गई इस योजना को अब शासन स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे कोटद्वार को इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
एबीसी सेंटर के निर्माण के बाद यहां आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा और शहर में लोगों को सुरक्षा व राहत मिलेगी।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि कोटद्वार शहर के समग्र विकास और नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी, जिसके समाधान के लिए एबीसी सेंटर की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की वैज्ञानिक व्यवस्था की जाएगी, जिससे उनकी संख्या नियंत्रित होगी और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नगर की विभिन्न समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है और आने वाले समय में कोटद्वार में आधारभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, यातायात और जनसुविधाओं से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी तेजी से किए जाएंगे, ताकि शहर को एक सुव्यवस्थित और सुरक्षित नगर के रूप में विकसित किया जा सके। कोटद्वार के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि नगर की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
