ऋषिकेश : भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का प्रहार लगातार जारी है। अब तक विजिलेंस की कार्रवाई में कई रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारी पर विजिलेंस का शिकंजा कसा जा चुका है। इसी क्रम में ऋषिकेश से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां विजिलेंस टीम ने एक जूनियर इंजीनियर (जेई) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
टेंडर पेमेंट जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सरकारी विभागों में ठेकेदारी का कार्य करता है। उसने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी कि पशुलोक बैराज, ऋषिकेश में उसके द्वारा किए गए टेंडर कार्य की पेमेंट लंबे समय से लंबित थी।
आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर फैसल खान पेमेंट जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद मामले की गोपनीय जांच शुरू की गई।
विजिलेंस ने बनाई ट्रैप टीम
शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस विभाग ने तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी जेई फैसल खान को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान फैसल खान पुत्र लियाकत हुसैन निवासी कटोराताल, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर के रूप में हुई है।
पूछताछ जारी, विभाग में मचा हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, विजिलेंस विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत विजिलेंस हेल्पलाइन पर करें।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
ऋषिकेश में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस अब पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही है। रिश्वतखोरी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
