- उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की कार्यशाला में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज का संदेश; विशेषज्ञों ने एआई के अवसरों, चुनौतियों और फेक न्यूज के खतरों पर किया मंथन
हरिद्वार : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता, तथ्यात्मक सटीकता और मानवीय विवेक की अहमियत और बढ़ गई है। मशीनें सूचनाएं और आंकड़े जुटाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन सामाजिक चेतना और सत्य की परख केवल सजग पत्रकार ही कर सकता है। यह बात अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज ने कही। वह उत्तराखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की हरिद्वार इकाई की ओर से आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं पत्रकारिता : चुनौतियां और अवसर’ विषयक कार्यशाला एवं संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
हाईवे स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल, डीपफेक, फर्जी खबरों और समाचारों के सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि एआई पत्रकारों के काम को तेज और प्रभावी बना सकता है, लेकिन खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मानवीय सत्यापन और संपादकीय विवेक अनिवार्य है।
सूचनाएं जुटाने में सक्षम मशीनें, सत्य की कसौटी पर पत्रकार की जिम्मेदारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव महाराज ने तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का नकारात्मक इस्तेमाल समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। पत्रकारिता में एआई का उपयोग जिम्मेदारी और विवेक के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की उपलब्धता और सत्य की पहचान दो अलग-अलग बातें हैं। सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता और तथ्यों की सही परख पत्रकारिता की बुनियादी ताकत हैं।
एआई से तेज होगी रिपोर्टिंग, लेकिन तथ्य सत्यापन जरूरी
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं एआई विशेषज्ञ पीयूष पांडेय ने पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई आधुनिक पत्रकारिता के लिए एक उपयोगी उपकरण है, जो डेटा विश्लेषण, ऑडियो-वीडियो ट्रांसक्रिप्शन, भाषा अनुवाद और समाचारों के शुरुआती ड्राफ्ट तैयार करने में मददगार साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एआई के इस्तेमाल से पत्रकारों का समय बचेगा और रिपोर्टिंग की गति बढ़ेगी, लेकिन किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का मानवीय सत्यापन जरूरी है। डीपफेक और एआई के जरिए तैयार की जा रही फर्जी सामग्री के दौर में पत्रकारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। एआई सहायक उपकरण है, जबकि अंतिम निर्णय और संपादकीय विवेक पत्रकार के पास ही रहना चाहिए।
तकनीकी बदलाव अपनाएं पत्रकार, तभी बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता में तकनीकी बदलावों को अपनाना समय की जरूरत है। यदि पत्रकार नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट नहीं करेंगे, तो प्रतिस्पर्धा में पीछे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई पत्रकारिता को समाप्त करने के बजाय सही इस्तेमाल होने पर खोजी पत्रकारिता, समाचार संकलन और त्वरित रिपोर्टिंग की क्षमता बढ़ा सकता है।
मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती और अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य मनोज गौतम ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पत्रकारिता में तकनीक के जिम्मेदार उपयोग और समाचारों की विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संजय आर्य और संजय रावल ने जताया अतिथियों का आभार
यूनियन के जिलाध्यक्ष संजय आर्य, कार्यकारी अध्यक्ष संजय रावल और कार्यक्रम संयोजक अनिरुद्ध भाटी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सच और झूठ के बीच अंतर पहचानना बेहद जरूरी है। पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तथ्यों की जांच, जिम्मेदार रिपोर्टिंग और तकनीक का विवेकपूर्ण इस्तेमाल आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यशाला पत्रकारों को एआई के उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों को समझने में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।
वरिष्ठ पत्रकारों और अधिकारियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कुंभ मेला सूचना अधिकारी कीर्ति पंवार, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेंद्र हर्ष, गुलशन नैयर, राधेश्याम विद्याकुल, रजनीकांत शुक्ल, अविक्षित रमन, अवधेश शिवपुरी, त्रिलोक चंद भट्ट, सुदेश आर्य, नरेश दीवान शैली, परमजीत राणा, राजेन्द्रनाथ गोस्वामी, ओम गौतम फक्कड़, ललितेंद्र नाथ, शैलेंद्र सिंह, जगदीश देशप्रेमी, रामेश्वर दयाल, मुदित अग्रवाल, गोपाल कृष्ण पटुवर, संजय आर्य, ऋषि सचदेवा और निशांत गर्ग सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, वरिष्ठ कांग्रेस नेता किरणपाल वाल्मीकि, एआई विशेषज्ञ पीयूष पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अरुण शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय आर्य, कार्यकारी अध्यक्ष संजय रावल, कार्यक्रम संयोजक अनिरुद्ध भाटी, कोषाध्यक्ष डॉ. हिमांशु द्विवेदी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अविक्षित रमन और प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीकांत शुक्ल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यूनियन की ओर से अतिथियों का माल्यार्पण और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार रजनीकांत शुक्ल ने किया।
इस अवसर पर जगदीशलाल पाहवा, डॉ. विशाल गर्ग सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे।


