घरों की रेकी कर देते थे चोरी, कोटद्वार पुलिस ने शातिर गैंग का किया पर्दाफाश

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दिल्ली-यूपी के तीन आरोपी गिरफ्तार, चोरी की ज्वैलरी, स्कूटी और औजार बरामद

कोटद्वार। घरों की पहले रेकी करना और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देना शातिर गिरोह की पहचान बन चुका था। लेकिन कोटद्वार पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और सघन जांच के आधार पर इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने-चांदी की ज्वैलरी, घटना में प्रयुक्त स्कूटी और चोरी के औजार भी बरामद किए हैं।

कोतवाली कोटद्वार में 3 अगस्त को प्राची रावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अगस्त को वह अपनी मां को छोड़ने घर से बाहर गई थी। वापस लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और सोने-चांदी के आभूषण सहित अन्य सामान चोरी हो चुका था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने 5 अगस्त को दिल्ली निवासी राहत अली (35), अमरोहा निवासी अरुण (23) और संभल सराय निवासी रिहान (22) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहत अली गिरोह का सरगना है और उसके खिलाफ दिल्ली में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी चोरी से पहले कई दिनों तक घरों की रेकी करते थे। घर के सदस्यों की दिनचर्या और आवाजाही पर नजर रखने के बाद रिहान और अरुण निगरानी करते थे, जबकि राहत अली घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। चोरी के सामान को बेचकर मिली रकम का इस्तेमाल आरोपी नशे की लत पूरी करने में करते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने का मंगलसूत्र, एक सोने की अंगूठी, दो चांदी की चेन, तीन जोड़ी चांदी की पाजेब, एक सूटकेस, कपड़े, घटना में प्रयुक्त स्कूटी (यूके 15इ-2061) तथा सब्बल, प्लास, पेचकस, बोल्ट लीवर और कटर बरामद किए हैं।

तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

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