साइबर अपराधियों पर लगाम के लिए पौड़ी पुलिस सक्रिय, छात्राओं को सोशल मीडिया सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

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  • फर्जी आईडी, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन छेड़छाड़ से बचाव के बताए तरीके, वित्तीय धोखाधड़ी पर 1930 और आपात सहायता के लिए 112 की जानकारी

पौड़ी। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए पौड़ी पुलिस ने अभियान तेज किया है। इसी क्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं तथा आमजन को साइबर अपराधों के तौर-तरीकों, बचाव के उपायों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

स्कूलों से बाजार तक पहुंची पुलिस की साइबर जागरूकता मुहिम

साइबर सेल श्रीनगर की टीम ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी), खंडाह, श्रीनगर में छात्राओं को जागरूक किया। वहीं, कोतवाली पौड़ी की चौकी पाबों की पुलिस ने राजकीय इंटर कॉलेज बिशल्ड, पाबों में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग किया। कोतवाली कोटद्वार की पुलिस चौकी कलालघाटी क्षेत्र में भी आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए।

फर्जी आईडी और ऑनलाइन उत्पीड़न से रहें सतर्क

कार्यक्रमों में इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सुरक्षित इस्तेमाल करने, फर्जी आईडी की पहचान करने, साइबर स्टॉकिंग, अश्लील संदेशों और ऑनलाइन छेड़छाड़ से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस ने छात्राओं को अपने सोशल मीडिया खातों की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।

कानूनी अधिकारों की जानकारी, शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की अपील

पुलिस टीमों ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत साइबर अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन उत्पीड़न या साइबर स्टॉकिंग की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।

साइबर ठगी हो तो 1930 पर करें शिकायत

पौड़ी पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in और आपातकालीन सहायता के लिए 112 की जानकारी दी। पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने, अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करने तथा साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

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