उत्तराखण्ड : SIR के कारण 8 लाख से ज्यादा वोटर्स घटे, जुड़े नए वोटर्स

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देहरादून : उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। फाइनल सूची के मुताबिक प्रदेश में अब कुल 71 लाख 58 हजार 949 मतदाता दर्ज हैं। SIR से पहले यह संख्या 79 लाख 60 हजार 762 थी। इस तरह पुनरीक्षण के बाद प्रदेश की मतदाता सूची में कुल 8 लाख 1 हजार 813 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई है।

अंतिम सूची में 37 लाख 37 हजार 701 पुरुष, 34 लाख 21 हजार 36 महिलाएं और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।

 

1.29 लाख नए नाम जुड़े, 1.04 लाख नाम हटाए गए

चुनाव आयोग के मुताबिक SIR की प्रक्रिया के दौरान 1 लाख 29 हजार 872 नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया। वहीं, नियमों के तहत 1 लाख 4 हजार 708 नाम हटाए गए।

इससे पहले 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में प्रदेश में 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता दर्ज थे। यानी ड्राफ्ट सूची तैयार होने के दौरान 8 लाख 26 हजार 977 मतदाता पुराने रिकॉर्ड से बाहर पाए गए थे।

 

क्या है ASDD कैटेगरी?

SIR के दौरान 8 जून से 13 जुलाई तक BLO के स्तर पर मतदाताओं के रिकॉर्ड और उपलब्धता की जांच की गई। इस दौरान ऐसे 8 लाख 26 हजार 977 मतदाता सामने आए, जो मौके पर नहीं मिले, दूसरे स्थान पर जा चुके थे, उनका नाम एक से अधिक जगह दर्ज था या उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

इन मामलों को ASDD कैटेगरी में रखा गया। ASDD का अर्थ Absent, Shifted, Dead/Deceased और Duplicate है।

ड्राफ्ट सूची के बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इस दौरान 25 हजार 164 लोगों के आवेदन स्वीकार किए गए। इसके बाद ASDD कैटेगरी में बचे मतदाताओं की संख्या घटकर 8 लाख 1 हजार 813 रह गई। यही संख्या फाइनल सूची में हुई कुल नेट कमी को दर्शाती है।

 

10 अक्टूबर से फिर नाम जुड़वाने का मौका

ASDD श्रेणी में आने वाले लोगों के नाम फिलहाल अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति पात्र है और उसका नाम सूची से छूट गया है तो वह दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।

इसके लिए 10 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां पात्र लोगों से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन लिए जाएंगे।

 

देहरादून में सबसे ज्यादा मतदाता कम

SIR के दौरान जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून में सबसे ज्यादा 1 लाख 86 हजार 8 मतदाता कम पाए गए। यह ड्राफ्ट सूची में दर्ज मतदाताओं का करीब 13.51 प्रतिशत है।

इसके बाद ऊधमसिंह नगर में 1 लाख 77 हजार 673 (13.33%), हरिद्वार में 1 लाख 30 हजार 203 (9.46%) और नैनीताल में 71 हजार 810 (9.39%) मतदाता कम मिले।

अन्य जिलों में अल्मोड़ा में 55 हजार 485 (10.52%), पौड़ी में 51 हजार 359 (9.26%), टिहरी में 43 हजार 625 (8.60%), पिथौरागढ़ में 27 हजार 436 (7.44%) और चमोली में 23 हजार 436 (7.93%) मतदाताओं की कमी दर्ज की गई।

इसी तरह उत्तरकाशी में 18 हजार 405 (7.58%), चंपावत में 17 हजार 718 (8.57%) और बागेश्वर में 13 हजार 10 (6.08%) मतदाता कम मिले।

सबसे कम कमी रुद्रप्रयाग में 10 हजार 809 मतदाताओं की रही, जो ड्राफ्ट सूची के हिसाब से 5.64 प्रतिशत है।

कुल मिलाकर प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची से 8 लाख 26 हजार 977 मतदाता यानी करीब 10.39 प्रतिशत नाम बाहर पाए गए थे।

 

घर-घर सत्यापन से शुरू हुई थी SIR की प्रक्रिया

SIR के तहत BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाए। इस दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया और यह जांच की गई कि संबंधित मतदाता अपने पते पर मौजूद है या नहीं।

सत्यापन के दौरान जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में अंतर मिला या जो मौके पर नहीं मिले, उनके नामों की अलग से जांच की गई। इसी प्रक्रिया के आधार पर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई थी।

ड्राफ्ट सूची में कुल 71 लाख 33 हजार 785 मतदाता थे। इनमें 37 लाख 23 हजार 614 पुरुष, 34 लाख 9 हजार 954 महिलाएं और 217 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे।

इसके बाद दावे-आपत्तियां, नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई और अब फाइनल मतदाता सूची जारी कर दी गई है।

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