पाकिस्तान में हो रही उत्तराखंड की चर्चा, टेंशन में मौलाना-मौलवी! ………….. देखें वीडियो

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देहरादून : खबर से पहले कोई भी पाठक खबर की हेडिंग पढ़ता है और यह तय भी करता है कि उसे खबर पढ़नी है या नहीं। सोशल मीडिया के दौर में खबरें पढ़ाने के लिए सनसनीखेज हेडिंग लगाई जाती हैं। लेकिन, हमारी हेडिंग भी सही है और खबर पूरी तरह से सही है। पाकिस्तान में इन दिनों उत्तराखंड की खूब चर्चा है। चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने एक बयान दिया था कि राज्य के मदरसों में रामायण पढ़ाई जाएगी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि हमारा डीएनए भी इससे मेल खाता है। 117 मदरसों में आगामी सत्र से इसे लागू किया जाएगा।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा है कि वक्त बोर्ड के अंतर्गत पड़ने वाले मदरसों में बच्चों को संस्कृत पढ़ाएंगे। इसके साथ ही रामायण भी पढ़ाई जाएगी जिससे बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़ सकें। इससे पहले उत्तराखंड के मदरसों में बच्चों को संस्कृत पढ़ाने की बात भी कही गई थी। इस फैसले का मुस्लिम मौलानाओं की ओर से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। वक्ब बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि उत्तराखंड में 415 मदरसे संचालित हैं, जिनमें से 117 मदरसे वक्फ बोर्ड के अधीन आते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं नबियों और पैगंबरों के बारे में जानकारी के साथ-साथ श्रीराम के किरदार को भी छात्र नजदीकी से जान सकेंगे। इन मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है।

उनके इस बयान के बाद देशभर में खूब बवाल हो रहा है। यह बवाल अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है। पाकिस्तान के मशहूर यूट्यूबर शोएब ने अपने चैनल रीयल इंटरटेनमेंट पर शो किया है। बकौल शोएब पाकिस्तान में उत्तराखंड के इस फैसले की खूब चर्चा हो रही है। मौलाना और मौलवी इससे गुस्से में हैं। केवल पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि भारत में भी कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं को इस फैसले से बड़ी दिक्कत है। नीचे एक वीडियो दिया गया है, उसमें आप देख सकते हैं।

मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी का कहना है कि उत्तराखंड के 417 मदरसों में NCERT पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के विषय में, हमारे वेद पुराणों हमारे गीता ग्रंथ में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। प्रभु राम हमारे अराध्य हैं और हमारे आदर्श भी हैं। बच्चों को मदरसों में रामायण का पाठ पढ़ाने के लिए स्पेशल टीचर रखे जाएंगे। यह बच्चों को किताबों के माध्यम से श्री राम के चरित्र से रूबरू कराएंगे। इससे पहले शादाब शम्स ने कहा था कि अब से मदरसों में संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी तो वहीं मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष समूह काजमी ने तो बच्चों को मदरसों में वेदों का ज्ञान दिए जाने तक की बात कही थी।

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