ऋषिकेश : पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग व स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान एवं उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया गया।
जिसमे वक्ता के रूप में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के डॉ. गौरव शर्मा, सहायक निदेशक, ऑनलाइन एजुकेशन व प्रियंका साह, एड्मिसन विभाग थे। डॉ. गौरव ने इस वर्ष की थीम Women In Science Catalysing Viksit Bharat पर विस्तृत चर्चा की व बताया कि महिलायें आज के दौर में हर क्षेत्र में बढ़ चढ़कर कार्य कर रही हैं जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है यह मानव बुद्धिमत्ता की तरह काम करता है। साथ ही उन्होंने टीचेबल मशीन के बारे में भी जानकारी दी उन्होंने बताया कि टीचेबल मशीन एक वेब-आधारित टूल है जो मशीन लर्निंग मॉडल बनाने में मदद करता है, बिना कोडिंग के। यह गूगल द्वारा विकसित किया गया है और इसका उपयोग करना बहुत आसान है। टीचेबल मशीन के द्वारा हम इमेज क्लासिफिकेशन कर सकते है, पोज़ एस्टिमेशन, गेम डेवलपमेंट व ऑडियो को क्लासिफाई कर सकते जैसे कि संगीत की पहचान करना, साथ ही उन्होंने GPT के बारे में भी बताया कि यह एक प्रकार का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल है जो टेक्स्ट जेनरेट करने में मदद करता है।
इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनके जोशी जी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज मे महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा की।
पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर ऋषिकेश के निदेशक प्रो. एमएस रावत ने आये मुख्य वक्ता का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया व छात्रों को बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस रमन प्रभाव की खोज के कारण मनाया जाता है। इस खोज भारतीय वैज्ञानिक सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 28 फरवरी सन् 1928 को की थी। इसी खोज के लिये उन्हे 1930 में नोबल पुरस्कार दिया गया था।
इस अवसर पर मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने सभी प्रतिभागियों व अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उद्देश्य के बारे में बताया कि विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को बढ़ावा देना और लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना है इसी अनुशासन में निरंतर हम विज्ञान के लिए कार्य करते रहेंगे। इस अवसर पर डॉ. एसके कुड़ियाल, डॉ. एसके नौटियाल, डॉ. शालिनी रावत, डॉ. प्रीति खंडूरी, डॉ. राकेश जोशी व एमएलटी विभाग के प्राध्यापक व 80 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

